बड़ा खुलासा: बद्रीनाथ धाम में VIP दर्शन के नाम पर अवैध वसूली,अब अध्यक्ष की भूमिका पर भी उठे सवाल
बद्रीनाथ/चमोली।
श्री बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के बाद अब VIP दर्शन के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। मंदिर समिति की जांच में खुलासा हुआ है कि बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के श्रद्धालुओं से ₹1100 प्रति व्यक्ति वसूले जा रहे थे, जिससे पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।
मामला क्या है?
मई-जून में भारी भीड़ के चलते जहां पहले VIP दर्शन की सुविधा मुफ्त में दी जा रही थी, वहीं 29 मई के बाद अचानक पैसे लेकर VIP दर्शन कराए जाने लगे। हैरानी की बात यह है कि इस संबंध में मंदिर समिति की बोर्ड बैठक में कोई प्रस्ताव तक पास नहीं हुआ था।
इस पूरे मामले में वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
नियमों की अनदेखी
बिना बोर्ड प्रस्ताव के शुल्क लेना नियमों का सीधा उल्लंघन है
पुजारियों और हक-हकूकधारियों ने भी इस वसूली पर आपत्ति दर्ज कराई थी
पुजारियों और हक-हकूकधारियों ने भी इस वसूली पर आपत्ति दर्ज कराई थी
बद्रीनाथ जी के दर्शन के लिए आये श्रद्धालु भी कर चुके हैं VIP दर्शन का विरोध
इसके बावजूद वसूली जारी रहना कई बड़े सवाल खड़े करता है।
बीकेटीसी के उपाध्यक्ष का बयान
बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने स्पष्ट किया किVIP दर्शन शुल्क को लेकर बोर्ड में कोई प्रस्ताव नहीं आया था, केवल पूजा शुल्क बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
अब अध्यक्ष पर भी सवाल
सबसे बड़ा सवाल अब मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की भूमिका को लेकर उठ रहा है।
आखिर यह सब उनकी नजरों के सामने कैसे होता रहा?
अगर VIP व्यवस्था नियमों के खिलाफ थी तो अध्यक्ष चुप क्यों रहे?
क्या यह पूरा ताना-बाना कहीं अध्यक्ष के इशारे पर तो नहीं चल रहा था?
इन सवालों ने अब मामले को और गंभीर बना दिया है।
जांच में नया मोड़
मंदिर समिति ने VIP वसूली के इस पूरे मामले को आधिकारिक जांच में शामिल कर लिया है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े खुलासे और कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।बद्रीनाथ धाम जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह की घटनाएं न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ भी खिलवाड़ हैं।



