बद्रीनाथ धाम में VIP दर्शन पर सवाल: ₹1100 की पर्ची से ₹1.60 करोड़ वसूली, आम श्रद्धालु अब भी लाइन में
बद्रीनाथ/चमोली।
श्री बद्रीनाथ धाम में VIP दर्शन के नाम पर ₹1100 प्रति श्रद्धालु शुल्क लेकर करीब ₹1 करोड़ 60 लाख की वसूली का मामला सामने आया है। मंदिर समिति इसे अपनी उपलब्धि और आय बढ़ाने का जरिया बता रही है,वहीं दूसरी ओर इस व्यवस्था ने आम श्रद्धालुओं की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
हर दिन सुबह 4 बजे से ही बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग ठंड में नंगे पैर घंटों लाइन में खड़े होकर दर्शन का इंतजार करते हैं। वहीं VIP काउंटर से कुछ लोग आसानी से दर्शन कर लेते हैं, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मंदिर समिति का उद्देश्य आय बढ़ाना ही है, तो क्या सामान्य दर्शन पर भी शुल्क लागू कर दिया जाना चाहिए? ऐसा करने से आय कई गुना बढ़ सकती है और VIP जैसी अलग व्यवस्था की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। लेकिन तब यह स्वीकार करना होगा कि आस्था से अधिक प्राथमिकता कमाई को दी जा रही है।
बद्रीनाथ धाम केवल कमाई का साधन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।

अब यदि आय बढ़ाना ही प्राथमिक लक्ष्य है, तो उस आम श्रद्धालु का क्या, जो अतिरिक्त शुल्क देने में सक्षम नहीं है और 5 से 8 घंटे तक लाइन में खड़ा रहता है? आस्था का अधिकार सभी के लिए समान होना चाहिए।

यह मुद्दा अब सिर्फ व्यवस्था का नहीं, बल्कि आस्था और समानता का बन गया है। इस पर समाज और प्रशासन दोनों को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।



