श्री बद्रीनाथ धाम में विपरीत मौसम के बीच जल संस्थान की टीम जुटी, कपाट खुलने से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का कार्य तेज
चमोली। देश के प्रमुख चार धामों में से एक भू-बैकुंठधाम श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने में अब महज 15 दिन का समय शेष रह गया है। आगामी 23 अप्रैल को भगवान बद्रीविशाल के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। ऐसे में धाम में यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभाग युद्ध स्तर पर कार्य में जुटे हुए हैं।
बुधवार को धाम में मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह करीब 10 बजे से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात शुरू हो गया, जबकि निचले इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। खराब मौसम और कड़ाके की ठंड के बावजूद जल संस्थान विभाग की टीम अपने कार्य में डटी रही और पानी की लाइनों को दुरुस्त करने का काम जारी रखा।

धाम में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जल संस्थान की 8 सदस्यीय टीम लगातार कार्यरत है। अब तक लगभग 70 प्रतिशत पानी की लाइनों को ठीक किया जा चुका है, जबकि शेष कार्य को भी कपाट खुलने से पहले हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग का उद्देश्य है कि यात्रा शुरू होते ही श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की जल आपूर्ति समस्या का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही बिजली, सीवर, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी सतर्कता के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि कपाट खुलने के समय तक सभी इंतजाम पूरी तरह से चाक-चौबंद हों।
वहीं, पूरे चमोली जनपद में बुधवार सुबह से ही मौसम खराब बना हुआ है। लगातार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते एक बार फिर सर्दियों जैसा माहौल बन गया है। अप्रैल माह में लौटी ठंड ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं यात्रा तैयारियों में जुटे कर्मचारियों के सामने भी अतिरिक्त चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
इसी क्रम में जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने बुधवार को चमोली से ज्योतिर्मठ तक चारधाम यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पेयजल, शौचालय, पार्किंग व्यवस्था तथा एनएचआईडीसीएल द्वारा क्षतिग्रस्त मार्गों के सुधारीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गरुण गंगा पाखी क्षेत्र में जल संस्थान द्वारा स्थापित वाटर एटीएम में पानी की गुणवत्ता भी जांची। साथ ही यात्रा मार्ग पर सुलभ इंटरनेशनल द्वारा निर्मित शौचालयों का निरीक्षण कर उनकी साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मार्ग पर स्थित विभिन्न पार्किंग स्थलों का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि धाम में यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर दी जाएंगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके बावजूद, सभी विभागों के कर्मचारी विपरीत परिस्थितियों में भी पूरी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य करते हुए आगामी यात्रा को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।


