उत्तराखंड कैबिनेट के 13 बड़े फैसले, अग्निवीरों को भर्ती में छूट, पीएम मोदी के 25 साल के सेवाकाल पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित
हरिद्वार में मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक, बाल वीरता पुरस्कार योजना और बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली को मंजूरी; 2.25 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख
हरिद्वार, 12 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधार, युवाओं के हित और जनकल्याण से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर मंत्रिमंडल ने धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में करीब 2.25 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
अग्निवीरों को भर्ती में मिलेगी छूट, बाल वीरता पुरस्कार योजना मंजूर
कैबिनेट ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। नई नियमावली में लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्व नियमावली को अधिक्रमित करने का निर्णय लिया गया।

प्रदेश के साहसी बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
जन विश्वास और अग्निशमन विधेयक विधानसभा में होंगे पेश
कैबिनेट ने द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी। इसका उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाना और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना है। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था करने तथा अप्रचलित कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को भी विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य बढ़ते नगरीकरण, औद्योगिक विकास, आपदाओं और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने के लिए मौजूदा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों के विकास पर नियंत्रण
कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को विनियमित करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना और जन-धन, संपत्ति तथा महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को संभावित नुकसान से सुरक्षित रखना है।
उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है। इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का होगा विस्तार
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है।
स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों को विस्तार
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल तथा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता को 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पहले की तरह वेतन एवं मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की ओर से किया जाएगा।

संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में भी संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत वित्तीय हस्तपुस्तिका के संबंधित प्रावधान में विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड का नाम प्रतिस्थापित किया जाएगा।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी
हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता देने की मंजूरी दी गई। करीब 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के लिए निर्धारित नौ मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए तीन मीटर की शिथिलता दी गई है।
ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को भी मंजूरी दी गई। शासनादेश में गलत अंकित खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ दर्ज की जाएगी।
विधानसभा का तृतीय सत्र बुलाने का निर्णय
कैबिनेट ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सेवाकाल पर धन्यवाद प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। प्रधानमंत्री ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। मंत्रिमंडल ने उनके सेवाकाल को सेवा, सुशासन, समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से जुड़ी यात्रा बताया तथा देश और उत्तराखंड में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया।
प्रस्ताव में जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इनसे करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। डिजिटल इंडिया, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और यूपीआई जैसी पहलों को भी नागरिक सुविधाओं और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने से जोड़ा गया।
मंत्रिमंडल ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने, पूर्व सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन लागू करने, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित करने, चंद्रयान-3 की सफलता और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने जैसे विषयों का भी उल्लेख किया।
उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री के सहयोग के लिए जताया आभार
धन्यवाद प्रस्ताव में उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष लगाव और प्रदेश में विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से मिले सहयोग का उल्लेख किया गया। मंत्रिमंडल ने सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के अभियान, वर्ष 2024 में सहस्त्रताल और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आई आपदाओं तथा अगस्त 2025 में धराली क्षेत्र में आई आपदा के दौरान मिले सहयोग को भी याद किया।
प्रस्ताव के अनुसार, प्रदेश में सड़क, रेल, रोपवे, ऊर्जा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन से जुड़ी 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अवस्थापना परियोजनाओं पर काम हो रहा है। इनमें दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा, चारधाम महामार्ग विकास परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान, केदारनाथ पुनर्निर्माण, जमरानी बांध, लखवाड़ और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाओं, टिहरी के पंप्ड स्टोरेज प्लांट और ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर का भी उल्लेख किया गया। मंत्रिमंडल ने आदि कैलाश, सीमांत गांवों और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए किए गए प्रयासों की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मंत्रिमंडल ने उन्हें आभार पत्र भेजने का निर्णय लिया। प्रस्ताव में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में विकसित उत्तराखंड की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रदेश को विकास और विरासत, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तथा आधुनिकता और संस्कृति के संतुलन के साथ आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
मुख्यमंत्री बोले—राष्ट्र प्रथम की भावना से हुई 25 वर्ष की राष्ट्रसेवा
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष सेवा, सुशासन, संकल्प और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सदैव देशहित और जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने रक्षा, विज्ञान, नवाचार, खेल और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं। जनधन, उज्ज्वला, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं से आम लोगों को लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सड़क, रेल, हवाई संपर्क और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं को गति मिली है। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग ढाई घंटे रह गया है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे तथा बदरीनाथ-केदारनाथ पुनर्विकास परियोजनाएं प्रदेश की कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई दिशा देंगी।
मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा सुरंग हादसे, धराली आपदा और सहस्त्रताल में फंसे पर्यटकों के बचाव अभियान के दौरान केंद्र सरकार से मिले सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आदि कैलाश दौरे और शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहन मिलने से सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसर बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए कैबिनेट बैठक से पहले मां गंगा का पूजन किया गया और उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।





