दिल्ली हाफ मैराथन में भागीरथी बिष्ट ने जीता कांस्य पदक, चमोली का बढ़ाया मान
21 किलोमीटर की दौड़ 1 घंटे 15 मिनट में पूरी कर हासिल किया तीसरा स्थान, पहले भी दिल्ली और हैदराबाद मैराथन में जीत चुकी हैं पदक; ओलंपिक में पदक जीतने का लक्ष्य
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल विकासखंड स्थित सीमांत गांव वाण की धाविका भागीरथी बिष्ट ने दिल्ली हाफ मैराथन में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। भागीरथी ने 21 किलोमीटर की दौड़ एक घंटा 15 मिनट में पूरी कर तीसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में अंकिता ने पहला और सोनिया ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
लंबी दूरी की दौड़ में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही भागीरथी बिष्ट राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। दिल्ली हाफ मैराथन में कांस्य पदक उनकी उपलब्धियों की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे पहले भी वह कई प्रतिष्ठित मैराथन प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।

दिल्ली और हैदराबाद मैराथन में भी जीते पदक
भागीरथी बिष्ट ने फरवरी 2026 में आयोजित कॉग्निजेंट न्यू दिल्ली मैराथन की महिला एलीट श्रेणी में 42.195 किलोमीटर की फुल मैराथन दो घंटे 43 मिनट 28 सेकंड में पूरी कर रजत पदक हासिल किया था। इससे पहले फरवरी 2025 में आयोजित नई दिल्ली मैराथन में भी उन्होंने दो घंटे 48 मिनट 59 सेकंड का समय निकालकर महिला वर्ग का खिताब अपने नाम किया था।
वहीं, अगस्त 2026 में हैदराबाद मैराथन में भागीरथी ने 42.195 किलोमीटर की फुल मैराथन दो घंटे 51 मिनट 41 सेकंड में पूरी कर भारतीय महिला धावकों में दूसरा स्थान हासिल किया और रजत पदक जीता। इसके अलावा जुलाई 2026 में पौड़ी में आयोजित यूएसएफ हाफ मैराथन की 21 किलोमीटर स्पर्धा में भी वह महिला वर्ग की विजेता बनी थीं। इस प्रतियोगिता में उन्होंने एक घंटा 24 मिनट 54 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया।
रांसी स्टेडियम में कर रहीं अभ्यास
भागीरथी वर्तमान में पौड़ी जिले के रांसी स्टेडियम में अभ्यास कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक एवं उनके कोच सुनील शर्मा के मार्गदर्शन में वह अपनी गति, सहनशक्ति और दौड़ की तकनीक को लगातार बेहतर बनाने में जुटी हैं। इसी वर्ष उत्तराखंड स्टूडेंट्स फेडरेशन की ओर से उन्हें दो महीने के प्रशिक्षण के लिए केन्या भी भेजा गया था, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण से अपनी क्षमताओं को निखारा।
ओलंपिक में पदक जीतना है सपना
चमोली के सीमांत गांव वाण से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार सफलता हासिल करने वाली भागीरथी बिष्ट का लक्ष्य भविष्य में ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करना और पदक जीतना है। उनकी उपलब्धियां क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर खेलों में आगे बढ़ने की इच्छुक बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। भागीरथी की सफलता से चमोली जिले में खुशी का माहौल है और लोग उनसे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।





