115 करोड़ से बदलेगी जोशीमठ की तस्वीर, 3885 सीवरेज और 2,701 पेयजल कनेक्शन देने की तैयारी
चमोली। जोशीमठ में करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से संचालित सीवरेज एवं पेयजल परियोजना के कार्यों को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंगलवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति, भूमि चयन, विभागीय अनुमतियों और निर्माण कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परियोजना के तहत जोशीमठ क्षेत्र में 3,858 सीवरेज कनेक्शन और 2,701 पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा चार नए पेयजल टैंकों का निर्माण, पुराने टैंकों की रेट्रोफिटिंग, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना तथा सीवरेज पाइपलाइन बिछाने सहित हाउसहोल्ड सर्विस कनेक्शन के कार्य किए जाएंगे। परियोजना के तहत सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू हो चुका है।

जिलाधिकारी ने कहा कि जोशीमठ बदरीनाथ धाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। ऐसे में निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यात्रा अवधि समाप्त होने के बाद उपलब्ध समय का बेहतर उपयोग करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा मार्ग पर आवागमन प्रभावित न हो।
उन्होंने 3 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश तहसीलदार जोशीमठ को दिए। साथ ही सभी प्रस्तावित निर्माण स्थलों का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराकर तकनीकी रूप से सुरक्षित और उपयुक्त भूमि का चयन सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने पेयजल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि निर्माण के दौरान वर्तमान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि सीवरेज एवं पेयजल परियोजना जोशीमठ के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ऐसे में सभी विभाग निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखें।
बैठक में परियोजना निदेशक आनंद सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी सहित यूयूएसडीए, जल निगम, सिंचाई विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



