बिग ब्रेकिंग : विधायक उमेश कुमार भी पुष्कर धामी के लिए सीट छोडेंगे , क्या है बयान के मायने ….

Web Editor
5 Min Read

उत्तराखंड : भाजपा की प्रचंड बहुमत के साथ जब टीम के कैप्टन धामी चुनाव हार गए तो भाजपा के सामने सीएम के चेहरे को लेकर चुनौती खड़ी हो गई। इसके बाद सबसे पहले सीएम धामी के लिए अपनी सीट छोड़ने की घोषणा करने वाले ख़ानपुर विधायक उमेश कुमार के बयानों के बाद भाजपा के खेमे में भी खलबली मच गई। इसके बाद एक के बाद एक विधायको ने पुष्कर धामी के लिए सीट छोड़ने की पेशकश शुरू कर दी।

विधायक उमेश कुमार के बयानों से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक गया बड़ा संदेश ।

आपको बता दें कि विश्वसनीय सूत्रों की माने तो विधायक उमेश कुमार ने जब अपनी सीट छोड़ने की घोषणा की तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक इसका बड़ा संदेश गया। इन बयानों को शीर्ष नेतृत्व ने भी बड़े ही संजीदा तरीके से देखा वहीं इसके बाद असर ये हुआ कि एक के बाद एक विधायको ने धामी के लिए सीट छोड़ने की पेशकश की।

आखिर क्या थे विधायक उमेश कुमार के मायने

- Advertisement -
Ad imageAd image

आपको बता दें कि पत्रकार के रूप में उमेश कुमार ने हमेशा ही जनहित के मुद्दों पर काम किया । यही नहीं जब जब उत्तराखण्ड के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों ने भ्र्ष्टाचार किया तब तब उमेश कुमार ने उनका कच्चा चिट्ठा खोलकर जनता के सामने सार्वजनिक किया। इसके लिए उमेश कुमार औऱ उनके परिवार को क़ई यातनाएं भी मिली। उन्हें फर्जी राजद्रोह व अन्य मुकदमों में फंसाकर जेल डाल दिया गया ।
इन यातनाओं को झेलकर उमेश कुमार को हमेशा कोर्ट से न्याय मिला और यहां तक कि तत्कालीन सीएम त्रिवेन्द्र के खिलाफ ही सीबीआई जांच के आदेश हो गए।

उमेश कुमार ने ख़ानपुर विधानसभा चुनाव भी इसलिए लड़ा ताकि जनता को न्याय मिले । उत्तराखण्ड को अपने गुप्तांग पर रखने वाले विधायक और उत्तराखंड के सम्मान के लिए चुनाव लड़ा ताकि ऐसे लोग चुनकर विधानसभा न आएं जिनकी नजर में ये शहीदों का प्रदेश इनकी वजह से अपमानित होता रहे।

जीतकर आने के बाद सबसे पहले उमेश कुमार ने इसलिये पुष्कर सिंह धामी की पैरवी की क्योंकि उन्हें अपने ख़ानपुर के विकास की चिंता थी। उन्होंने पुष्कर धामी के लिए सीट छोड़ने की पहल इसी शर्त पर की ताकि उनके क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों का समाधान हो सके।

आपको बता दें कि खुद उमेश कुमार पूरे प्रदेश में जितने भी प्रत्याशी चुनाव लड़े उनमें में से टॉप फाइव करोड़पतियों में एक हैं । उन्हें किसी संसाधनों की आवश्यकता नही है। उनकी प्राथमिकता सदैव जनता का विकास है। ऐसे में भले ही प्रतिद्वंद्वी उनके खिलाफ कोई भी प्रोपोगंडा चलाएं लेकिन उनकी सीट छोड़ने की कवायत के पीछे सिर्फ क्षेत्रीय जनता का विकास था।

एक महत्वपूर्ण विषय आपको बता दें कि यदि भारत की टीम भी कभी विश्व कप खेल रही हो औऱ कैप्टन जीरो पर आउट हो जाय तो आखिरकार उस ट्रॉफी का हकदार टीम का कैप्टन ही होता है।

- Advertisement -
Ad imageAd image

विधायक उमेश कुमार विकासवादी सोच रखने वाले व्यक्तित्व हैं । उन्होंने इसकी पैरवी सिर्फ औऱ सिर्फ अपने क्षेत्र के विकासकार्यो के लिए की है।

पुष्कर धामी इसलिए ताकि न पड़े प्रदेश पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ औऱ अनुभव ले चुके धामी प्रदेश को बढ़ाये आगे।

पुष्कर सिंह धामी की पैरवी इसलिए भी हो रही है ताकि नए चेहरे को बनाकर अतिरिक्त वित्तीय बोझ इस प्रदेश पर न पड़े क्योंकि नए चेहरे के बनने के बाद सीएम को मिलने वाली सुविधाओं में अतिरिक्त खर्चा भी बढ़ेगा। वहीं पुष्कर धामी अब अच्छी तरह चीजों की समझ रखते हैं वही उनका जनाधार भी बढ़ रहा है,

- Advertisement -
Ad imageAd image

सोशल मीडिया सर्वे में भी धामी सबसे आगे

आपको बता दें कि इस दौरान सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कयासबाजी चल रही हैं वही सोशल मीडिया पर सीएम के चेहरे को लेकर सीएम धामी पहली पसंद बने हैं।

विधायक उमेश कुमार विकासवादी सोच वाले नेता।

आपको बता दें कि उमेश कुमार के सामाजिक कार्यो को पूरे उत्तराखण्ड ने देखा है। कोविड काल मे सुदूर ग्रामीण इलाकों तक राहत पहुँचाने वाले व्यक्ति बने उमेश कुमार ने सैकड़ो बच्चो को गोद लेकर भी बड़ी मुहिम छेड़ी है। ऐसे में उमेश कुमार का स्पष्ट मन्त्व समाज का ही विकास है। ख़ानपुर क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने कहा कि मैं सदैव प्रतिबद्ध हूँ।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *