बद्रीनाथ मंदिर चोरी मामला: गिरफ्तारी के बाद आरोपी सीधे जेल, रिमांड नहीं ली गई
चमोली।
देश में आमतौर पर देखा जाता है कि छोटे-मोटे अपराधों में भी पुलिस आरोपी को कस्टडी में लेने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने रिमांड की मांग करती है। लेकिन जब मामला आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक, श्री बद्रीनाथ धाम में चोरी का सामने आया, तो कार्रवाई का तरीका अलग नजर आया।
बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपी बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस द्वारा किसी प्रकार की रिमांड की मांग नहीं की गई, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।

गौरतलब है कि ऐसा ही एक मामला पहले अयोध्या के राम मंदिर चोरी प्रकरण में भी देखने को मिला था, जहां पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर सीधे जेल भेज दिया था, बिना किसी पुलिस रिमांड के।
अब इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। एक ओर यह चर्चा है कि क्या आस्था से जुड़े संवेदनशील मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली अलग होती है, या इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। वहीं दूसरी ओर यह संभावना भी जताई जा रही है कि मंदिर परिसर की सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आ चुकी हो, जिसके चलते पुलिस को रिमांड लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी। हालांकि, जानकारों का मानना है कि आमतौर पर ऐसे मामलों में गहन पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस रिमांड अहम मानी जाती है।



