वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था से गूंजा धाम

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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था से गूंजा धाम

सुबह 6:15 बजे खुले कपाट, 15 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष व राज्य सभा सांसद महेंद्र भट्ट और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द रहे मौजूद

चमोली, 23 अप्रैल 2026: भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट गुरुवार प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा बद्रीनाथ धाम भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग गया। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल एवं अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

कपाट उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में भी विधिवत पूजा-अर्चना की।

इस पावन अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द महाराज की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना में सहभाग करते हुए देश की सुख-शांति और समृद्धि के लिए आशीर्वाद दिया।

मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का स्वागत करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से स्वच्छ और हरित चारधाम यात्रा में सहयोग करने की अपील भी की।

लोक संस्कृति की झलक: 

कपाट खुलने के ऐतिहासिक अवसर पर माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया। इससे पूरा वातावरण लोक संस्कृति और आस्था से सराबोर हो उठा। वहीं विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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