उत्तराखंड: एनपीएस और यूपीएस के विरोध में शिक्षक-कर्मचारियों का प्रदर्शन, पुरानी पेंशन बहाली की मांग

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उत्तराखंड: एनपीएस और यूपीएस के विरोध में शिक्षक-कर्मचारियों का प्रदर्शन, पुरानी पेंशन बहाली की मांग

उत्तराखंड : नई पेंशन योजना (एनपीएस) और यूनिफाइड पेंशन योजना (यूपीएस) के विरोध में राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने दिल्ली के जंतर-मंतर में एक भव्य रैली का आयोजन किया। इस रैली में उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों के पदाधिकारी और शिक्षक-कर्मचारी शामिल हुए।

गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी के अध्यक्ष पूरन सिंह फरस्वान ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत के नेतृत्व में 16 मार्च से देहरादून से पैदल पदयात्रा निकाली गई, जो 23 मार्च को जंतर-मंतर में समाप्त हुई। इस पदयात्रा में उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों के पदाधिकारी और शिक्षक-कर्मचारी शामिल हुए।

उन्होंने बताया कि एनपीएस और यूपीएस के तहत मिलने वाली पेंशन से शिक्षक-कर्मचारियों का गुजारा नहीं हो पा रहा है। इसलिए, सरकार से एनपीएस और यूपीएस का विरोध और पुरानी पेंशन की बहाली की मांग की जा रही है।

जिला संरक्षक चमोली डॉक्टर बृजमोहन सिंह रावत ने बताया कि दिल्ली से लौटते समय हर की पौड़ी में एनपीएस और यूपीएस के शासनादेश की प्रतियों का गंगा में विसर्जन किया गया।

जिला महासचिव सतीश कुमार ने बताया कि आगामी 1 अप्रैल को शिक्षक-कर्मचारी एनपीएस और यूपीएस के विरोध में काली पट्टी बांधकर एनपीएस और यूपीएस के शासनादेश की प्रतियों का अपने-अपने विद्यालय/कार्यालय में दहन करेंगे।

जिला प्रवक्ता हरिश्चंद्र गैरोला ने कहा कि सरकार को तत्काल कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली कर देनी चाहिए और एनपीएस और यूपीएस जैसे काले कानून को वापस लेकर शिक्षक-कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल कर देनी चाहिए।

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