बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन प्रोजेक्ट शिवालिक के 18 साल: हिमालयी क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा की नई मिसाल

बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन प्रोजेक्ट शिवालिक के 18 साल: हिमालयी क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा की नई मिसाल
लाल तप्पड़, उत्तराखंड | 25 फरवरी 2026 बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन (BRO) के प्रोजेक्ट शिवालिक ने लाल तप्पड़ में अपना 18वां स्थापना दिवस मनाया। यह अवसर देवभूमि में रणनीतिक एवं सामाजिक-आर्थिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने में परियोजना की 17 वर्षों की समर्पित सेवा को रेखांकित करता है।
स्थापना के बाद से प्रोजेक्ट शिवालिक ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में सैन्य तैयारियों को सुदृढ़ करने तथा दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह परियोजना उत्तराखंड में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 1,036 किलोमीटर सड़कों के रखरखाव एवं उन्नयन की जिम्मेदारी निभा रही है।

परियोजना NH-34, NH-134A, NH-7, NH-107B तथा NH-109K के महत्वपूर्ण हिस्सों के साथ-साथ माना और नीति जैसे उच्च हिमालयी दर्रों तक पहुंच मार्गों का रखरखाव करती है। यह सड़क नेटवर्क सीमांत क्षेत्रों में सीमा प्रबंधन, सैनिकों की आवाजाही और स्थानीय नागरिकों के लिए जीवनरेखा का कार्य करता है।
तीर्थयात्रा एवं क्षेत्रीय संपर्क में महत्वपूर्ण योगदान
प्रोजेक्ट शिवालिक ने बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री, यमुनोत्री तथा हेमकुंड साहिब जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों तक सुरक्षित एवं निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने में अहम योगदान दिया है। सड़क चौड़ीकरण, सुधार एवं सतह उन्नयन कार्यों से गढ़वाल क्षेत्र में वर्षभर संपर्क सुविधा बेहतर हुई है।

आधुनिक तकनीक से टिकाऊ निर्माण
हिमालय के संवेदनशील पारिस्थितिकी क्षेत्र में इंजीनियरिंग नवाचार का प्रदर्शन करते हुए परियोजना ने स्टील स्लैग, जियो-सेल तकनीक और कट-एंड-कवर टनल पद्धति जैसी उन्नत निर्माण तकनीकों को अपनाया है, जिससे सड़कों की मजबूती, टिकाऊपन और आपदा-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है।
आपदा राहत में अग्रणी भूमिका
प्रोजेक्ट शिवालिक ने राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रथम प्रतिक्रिया दल के रूप में भरोसेमंद भूमिका निभाई है। सिल्क्यारा टनल ऑपरेशन, माना हिमस्खलन और धराली आपदा जैसी घटनाओं में इसने बचाव एवं संपर्क बहाली कार्यों में सक्रिय योगदान दिया।
भविष्य की प्राथमिकताएँ
परियोजना भविष्य में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था को और मजबूत करने, रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप अवसंरचना आधुनिकीकरण, अग्रिम क्षेत्रों में एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड विकसित करने तथा रणनीतिक घाटियों तक पहुंच सुधारने हेतु मजबूत पुलों के निर्माण पर कार्य कर रही है।
स्थापना दिवस के अवसर पर प्रोजेक्ट शिवालिक ने BRO के आदर्श वाक्य “श्रमेण सर्वं साध्यम्” के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए राष्ट्र सेवा में मजबूत अवसंरचना निर्माण जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।



