गोपेश्वर की दिशा समिति बैठक में दिखी सियासी दरार!
क्या धामी बनाम बलूनी गुट आमने-सामने?
चमोली, 15 मई — कलेक्ट्रेट सभागार, गोपेश्वर में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक अब सियासी चर्चाओं का केंद्र बन गई है। जहां एक ओर सांसद अनिल बलूनी ने केंद्र पोषित योजनाओं की गहन समीक्षा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए, वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी विधायकों की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बैठक में क्या हुआ?
- सत्ताधारी BJP के विधायक बैठक में नहीं पहुंचे
- सांसद अनिल बलूनी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई
- विधायक और कार्यकर्ता अलग स्थान (PWD गेस्ट हाउस) पर मौजूद रहे
- 👉 चौंकाने वाली बात: विपक्ष का विधायक बैठक में शामिल रहा
सांसद ने दिए सख्त निर्देश
बैठक में सांसद अनिल बलूनी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित कई योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
उन्होंने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, लंबित कार्यों में तेजी और विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया।
सड़क निर्माण कार्यों में देरी पर जताई नाराजगी
नेटवर्क समस्या को लेकर BSNL को डार्क जोन मैप तैयार करने के निर्देश
पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में सुधार के निर्देश
जिला प्रशासन ने रखे आंकड़े ,
जिलाधिकारी ने बैठक में बताया कि : मनरेगा में 12.64 लाख मानव दिवस सृजित
- जल जीवन मिशन में लगभग सभी परिवारों को कनेक्शन
- 9,347 किसान जैविक खेती से जुड़े
- पीएम आवास योजना में लक्ष्य के लगभग सभी आवास पूर्ण
अब बड़ा राजनीतिक सवाल
क्या सत्ताधारी विधायकों का बैठक में न पहुंचना सिर्फ संयोग है?
क्या ये विधायक सीएम पुष्कर सिंह धामी के गुट से जुड़े हैं?
क्या राज्य में सांसद अनिल बलूनी का अलग गुट सक्रिय नजर आ रहा है?
क्या यही कारण रहा कि इतनी महत्वपूर्ण बैठक में सत्ता पक्ष के विधायक नहीं पहुंचे?
सबसे बड़ा सवाल
इसे क्या माना जाए — नाराजगी, गुटबाजी या खुला सियासी संदेश?
जब सत्ताधारी विधायक ही दूरी बना लें और विपक्ष बैठक में मौजूद रहे, तो यह तस्वीर कई राजनीतिक संकेत देती है।



