चमोली को BRO का बड़ा तोहफ़ा : सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले कई पुल तैयार

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चमोली को BRO का बड़ा तोहफ़ा : सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले कई पुल तैयार

रक्षा मंत्री ने लद्दाख से 125 रणनीतिक प्रोजेक्ट्स का किया उद्घाटन, चमोली को भी मिला सीधा लाभ

चमोली, 07 दिसम्बर 2025 : बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) द्वारा लद्दाख में 125 रणनीतिक प्रोजेक्ट्स के लोकार्पण के बाद चमोली ज़िले को भी महत्वपूर्ण सामरिक इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ मिला है। इन परियोजनाओं के तहत जिले में कई महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण पूरा हुआ, जिससे चीन सीमा की ओर जाने वाली सड़कों पर आवाजाही और तेज़ तथा सुरक्षित हो सकेगी।

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चमोली के जोशीमठ, नीति घाटी और मलारी क्षेत्र में बनाए गए पुलों ने सेना की आवाजाही को मजबूत किया है और स्थानीय लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी आसान बना दी है।
ये पुल— भारी बर्फबारी में भी अब सालभर चलन की सुविधा देंगे, दुर्गम गांवों तक राहत–बचाव कार्यों को गति देंगे, और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और स्कूलों तक बेहतर पहुंच प्रदान करेंगे।

चमोली जिला चीन सीमा तक जाने वाले मार्गों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल भूस्खलन और खराब मौसम के कारण सड़कों के बाधित होने की समस्या रही है। BRO द्वारा बनाए गए नए पुल अब—सैन्य वाहनों की तेज और सुरक्षित मूवमेंट, आपात स्थिति में तात्कालिक पहुँच और बॉर्डर क्षेत्र में ऑपरेशनल तैयारी को कई गुना बढ़ाएंगे।

चमोली के सीमांत गांवों — मलारी, गमशाली, फर्किया, नीती आदि में रहने वाले ग्रामीणों ने कहा कि BRO के ये नए पुल उनकी दशकों पुरानी कनेक्टिविटी समस्याओं को हल करेंगे।

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स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि इससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस प्रोजेक्ट्स में 28 सड़कें, 93 पुल और 04 अन्य रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जो भारत के सीमा इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क में एक व्यापक सुधार को दर्शाते हैं। ये प्रोजेक्ट्स 07 राज्यों और 02 केंद्र शासित प्रदेशों में
फैले हुए थे, जिनमें लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल
और मिजोरम राज्य शामिल हैं। इतने विविध और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में प्रोजेक्ट्स का निष्पादन BRO की ऊँचाई वाले, बर्फ से ढके, रेगिस्तानी, बाढ़ संभावित और
घने जंगल वाले इलाकों में काम करने की बेजोड़ क्षमता को उजागर करता है।
अपग्रेड किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर ने दूरदराज के गांवों, सीमा चौकियों और आगे की सैन्य चौकियों तक लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में काफी सुधार किया है,
जिससे ये क्षेत्र राष्ट्रीय मुख्यधारा के करीब आ गए हैं।
सड़क प्रोजेक्ट्स में जम्मू और कश्मीर में 02, लद्दाख में 08, राजस्थान में 04, अरुणाचल प्रदेश में 10, सिक्किम में 02, पश्चिम बंगाल में 01 और मिजोरम में 01 शामिल हैं, जिससे देश के कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ है। पुलों में जम्मू और कश्मीर में 20, लद्दाख में 28,उत्तराखंड में 07, हिमाचल प्रदेश में 07, अरुणाचल प्रदेश में 20, सिक्किम में
08, पश्चिम बंगाल में 01 और मिजोरम में 02 शामिल हैं।

इन परियोजनाओं के शुभारभ के मौके पर बीआरओ कमांडर अंकुर महाजन, ओसी 123 आरसीसी बीआरओ विवेक सोनी, प्रमुख ज्योतिर्मठ अनूप नेगी,लक्ष्मण बुटोला सहित पुलिस और बीआरओ के जवान और बॉर्डर एरिया के विभिन गांवों के ग्राम प्रधान व सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे ।

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