उत्तराखंडचमोली

जोशीमठ में पैनखंडा समुदाय की ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर विशाल जन आक्रोश रैली

जोशीमठ में पैनखंडा समुदाय की ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर विशाल जन आक्रोश रैली

चमोली । जोशीमठ विकासखंड के दर्जनों गांवों और नगर क्षेत्र की जनता आज अपने हक की लड़ाई को लेकर सड़कों पर उतर आई। पैनखंडा संघर्ष समिति के आह्वान पर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ एक विशाल जन आक्रोश रैली निकाली गई। रैली बदरीनाथ बस स्टैंड से शुरू होकर मारवाड़ी चौक होते हुए तहसील परिसर तक पहुंची, जिसमें एक हजार से अधिक लोग शामिल हुए।

तहसील परिसर में आयोजित जनसभा में जनप्रतिनिधियों और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने पैनखंडा समुदाय को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल करने की मांग जोरदार तरीके से दोहराई। सभा के बाद आंदोलनकारियों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।

9 वर्षों से लंबित है केंद्र सूची में शामिल करने की मांग

संघर्ष का मुख्य कारण यह है कि वर्ष 2016 में 100 दिनों तक चले आंदोलन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने पैनखंडा समुदाय को राज्य की ओबीसी सूची में शामिल किया था। इसके बाद से समुदाय को राज्य की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 14 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

हालांकि, अभी तक केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजा गया है, जिसके चलते समुदाय को केंद्र की सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

सीमांत क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप

संघर्ष समिति का कहना है कि जोशीमठ विकासखंड सीमांत क्षेत्र होने के कारण आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से पिछड़ा हुआ है। वर्ष 1965 से पूर्व यहां निवासरत सामान्य जाति के पैनखंडा समुदाय को राज्य सूची में तो शामिल किया गया, लेकिन केंद्र सूची में शामिल करने की प्रक्रिया अब तक अधूरी है।

समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कुंवर ने कहा कि पिछले 9 वर्षों से लगातार पत्राचार और ज्ञापन दिए जा रहे हैं। राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट इस मुद्दे को राज्यसभा के मानसून और बजट सत्र में उठा चुके हैं, जबकि बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला भी विधानसभा में मामला रख चुके हैं। इसके बावजूद अब तक केंद्र को औपचारिक प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।

आगे आंदोलन की चेतावनी

संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि इस सांकेतिक रैली के बाद भी सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो पूरा जोशीमठ एकजुट होकर व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि रैली के बाद एक प्रतिनिधिमंडल सरकार से मुलाकात करेगा और आगे की रणनीति तय करेगा।

इस दौरान नगर पालिका अध्यक्षा देवेश्वरी शाह, ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, जिला पंचायत सदस्य रमा राणा, कांग्रेस नगर अध्यक्ष हरेंद्र राणा सहित कई जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

रैली के समर्थन में जोशीमठ बाजार भी बंद रखा गया, जिससे आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिलता दिखाई दिया।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!