बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद:आरोपों के बीच अध्यक्ष के बयान पर उठे सवाल,बीकेटीसी ने गठित की जांच समिति

Web Editor
3 Min Read

बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद:आरोपों के बीच अध्यक्ष के बयान पर उठे सवाल,बीकेटीसी ने गठित की जांच समिति

चमोली। बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के आरोपों ने न सिर्फ मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के बयानों को लेकर भी नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने जांच समिति गठित कर दी है।

सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों में बीकेटीसी के कर्मचारी प्रमोद नोटियाल का नाम सामने आया है, जिन पर श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं। भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोपों के बाद समिति प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।

सूत्रों के अनुसार, प्रमोद नोटियाल की ड्यूटी पहली बार देहरादून कार्यालय से बद्रीनाथ धाम में लगाई गई थी। हैरानी की बात यह है कि उन्हें सीधे मंदिर के बेहद महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिनमें वीआईपी पर्ची काउंटर का संचालन और मंदिर में आने वाले चढ़ावे के धन की निगरानी जैसे संवेदनशील कार्य शामिल बताए जा रहे हैं।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने प्रमोद नोटियाल को अपना निजी सचिव मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि नोटियाल केवल समिति के नियमित कर्मचारी हैं।

- Advertisement -
Ad imageAd image

हालांकि, बीकेटीसी द्वारा जारी आधिकारिक कर्मचारियों की सूची में प्रमोद नोटियाल को स्पष्ट रूप से अध्यक्ष का निजी सचिव दर्शाया गया है। ऐसे में अध्यक्ष के बयान और आधिकारिक दस्तावेजों के बीच विरोधाभास ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब प्रश्न यह उठ रहा है कि आखिर सच्चाई क्या है?
क्या अध्यक्ष तथ्य छिपा रहे हैं या फिर विभागीय रिकॉर्ड में ही गड़बड़ी है?

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। लेकिन जिस तरह से बयान और दस्तावेजों में अंतर सामने आया है, उससे पूरे प्रकरण की निष्पक्षता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

- Advertisement -
Ad imageAd image

फिलहाल, यह मामला अब केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी आंच मंदिर समिति के शीर्ष स्तर तक पहुंचती नजर आ रही है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो कई अहम खुलासे कर सकती है।

 

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *