बद्रीनाथ विधायक का बड़ा हमला: धाम राजनीति का अड्डा नहीं, बीकेटीसी अध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग
चढ़ावा चोरी मामले में SIT की कार्रवाई के बाद भी अध्यक्ष पद पर कायम, सरकार की भूमिका पर उठे सवाल
चमोली।
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। अब बद्रीनाथ के विधायक खुलकर बीकेटीसी अध्यक्ष के खिलाफ सामने आ गए हैं। विधायक ने स्पष्ट कहा कि श्री बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम आस्था के केंद्र हैं, इन्हें राजनीति का अड्डा नहीं बनाया जाना चाहिए।
विधायक ने कहा कि चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी लगातार गिरफ्तारियां कर रही है, लेकिन इसके बावजूद बीकेटीसी अध्यक्ष अपने पद पर बने हुए हैं, जो कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे मामले में वे मूकदर्शक बने हुए हैं, जबकि धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज की ओर से भी अब तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
उन्होंने मांग की कि बीकेटीसी अध्यक्ष को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए और पूरी मंदिर समिति को भंग कर नए सिरे से गठन किया जाए। विधायक ने कहा कि बद्रीनाथ धाम देश के चार प्रमुख धामों में से एक है और यहां आस्था के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार पूर्व टीओ राजेंद्र सिंह चौहान ने अपने बयान में साफ कहा है कि यह सब बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल के निर्देश पर किया जाता था। ऐसे गंभीर आरोपों के बावजूद अध्यक्ष का पद पर बने रहना और मंदिर परिसर में बहस की बात करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाना चाहती है और अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।



