हिंसक कुत्तों के आतंक से उत्तराखंड में 10 स्कूल चार दिन बंद, चमोली में प्रशासन का बड़ा फैसला

Web Editor
3 Min Read

हिंसक कुत्तों के आतंक से उत्तराखंड में 10 स्कूल चार दिन बंद, चमोली में प्रशासन का बड़ा फैसला

चमोली । उत्तराखंड में हिंसक आवारा कुत्तों के आतंक के चलते स्कूल बंद करने का मामला सामने आया है। भारत के इतिहा में बताया जा रहा है कि यह पहली ऐसी घटना है, जब आवारा कुत्तों के आतंक के चलते शिक्षा विभाग को स्कूलों में अवकाश घोषित करने का आदेश जारी करना पड़ा है।

मामला चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र का है, जहां विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए 10 स्कूलों में 20 अगस्त से 23 अगस्त तक चार दिन का अवकाश घोषित किया गया है।

 

- Advertisement -
Ad imageAd image

 

नारायणबगड़ क्षेत्र में बीते दो दिनों के दौरान आवारा कुत्तों ने छह से अधिक छात्रों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने एहतियातन स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है।

प्रमुख क्षेत्र पंचायत नारायणबगड़ की ओर से भेजे गए पत्र और जिलाधिकारी चमोली के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने स्कूलों में अवकाश को लेकर आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य विद्यार्थियों को आवारा कुत्तों के संभावित हमलों से सुरक्षित रखना है।

इन 10 विद्यालयों में रहेगा अवकाश

- Advertisement -
Ad imageAd image

अवकाश वाले विद्यालयों में राजकीय इंटर कॉलेज नारायणबगड़, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नारायणबगड़, सरस्वती शिशु मंदिर, उत्तरांचल विद्या निकेतन, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नारायणबगड़, श्री गुरुराम राय पब्लिक स्कूल पंती, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नलगांव, राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय नलगांव, मॉडर्न चिल्ड्रंस एकेडमी और उत्तराखंड विद्यालय निकेतन शामिल हैं।

चार दिन के अवकाश के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विद्यालय प्रबंधन को प्रशासन की ओर से जारी आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

- Advertisement -
Ad imageAd image

वहीं, प्रशासन की ओर से आवारा और हिंसक कुत्तों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है। कुत्तों के आतंक के कारण एक साथ 10 स्कूलों का बंद होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती आवारा कुत्तों को पकड़कर क्षेत्र में भय का माहौल खत्म करने की है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *