दून विश्वविद्यालय में बाल कलाकारों का जलवा: नाट्य समारोह में उभरी नई प्रतिभाएं

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दून विश्वविद्यालय में बाल कलाकारों का जलवा: नाट्य समारोह में उभरी नई प्रतिभाएं

देहरादून। रंगमंच एवं लोक प्रदर्शन कला विभाग, दून विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक दिवसीय बाल नाट्य समारोह में नन्हे कलाकारों की प्रतिभा ने सभी का मन मोह लिया। समारोह में 50 से अधिक बाल कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावुक, प्रेरित और जागरूक किया।

यह आयोजन विश्वविद्यालय के थिएटर विभाग के चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं के प्रोजेक्ट कार्य के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसके तहत देहरादून के विभिन्न विद्यालयों में बाल रंगमंच कार्यशालाएं संचालित की जा रही हैं। इन कार्यशालाओं के समापन पर तैयार नाटकों का मंचन किया गया।

इन विद्यालयों के बच्चों ने किया प्रभावशाली मंचन

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कार्यक्रम में

  • रेनेसां द्रोण सीनियर सेकेंडरी स्कूल (डोईवाला)
  • सेंट पॉल हाई स्कूल (क्लेमेंट टाउन)
  • फिल्फोट पब्लिक स्कूल
  • गुरुकुल कन्या महाविद्यालय

के विद्यार्थियों ने भाग लेकर सामाजिक विषयों पर आधारित नाटकों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

समाज को आईना दिखाते नाटक

  • ‘सात दिन का इंतजार’: माता-पिता को बोझ समझकर वृद्धाश्रम भेजने की पीड़ा को मार्मिक ढंग से दर्शाया गया।
  • ‘अनपढ़ राजा’: पर्यावरण विनाश और उसके दुष्परिणामों को उजागर करते हुए प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
  • ‘नई दिशा’: आत्मविश्वास, मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच के महत्व को दर्शाने वाला प्रेरणादायक नाटक।

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छात्रों ने निभाई अहम भूमिका

कार्यशालाओं में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं—राजेश भारद्वाज, सरिता जुयाल, ज्योत्सना इस्तवाल, भाविक पटेल, सरिता भट्ट, विनीत पवार, अनुराधा खडूरी, चेतना, प्रणव पोखरियाल, अंजेश कुमार, सोनिया, जयशंकर, रमन आदि—द्वारा बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया।

वहीं, मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने वाले बाल कलाकारों में काव्या, शौर्य, अक्षत, वाणी, केशव, कनिष्क, आदित्य, अरिहंत, अंशुमन, साक्षी, भव्या, प्रिशा, मानसी, गुरुमन और शिवांश शामिल रहे।

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कुलपति का संदेश,रंगमंच से व्यक्तित्व विकास

दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने अपने संदेश में कहा कि रंगमंच विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है। यदि इसकी शुरुआत विद्यालय स्तर से हो, तो बच्चों की नींव और अधिक मजबूत होती है।

वहीं, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. एस.सी. पुरोहित ने इसे छात्रों के लिए व्यावहारिक ज्ञान और मंचीय अनुभव को समृद्ध करने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया।

 

कार्यक्रम में उपस्थित दुर्गेश डिमरी, देवंडु रावत, रोहित जोशी, डॉ. अजीत पंवार एवं डॉ. कैलाश कंडवाल मौजूद रहे, जबकि मंच संचालन गजेंद्र रावत ने किया।

 

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