मंत्री गणेश जोशी के बयान पर छिड़ी बहस, छोटे चैनलों पर उठे सवाल
देहरादून।उत्तराखंड के मंत्री गणेश जोशी के एक बयान ने प्रदेश के मीडिया जगत में हलचल पैदा कर दी है। मंत्री ने हाल ही में कहा कि राज्य में हर दिन “टटपुँजिये” चैनल खुल रहे हैं, जो बिना जिम्मेदारी के कुछ भी प्रसारित कर रहे हैं।
उनके इस बयान के बाद प्रदेश के कई छोटे और क्षेत्रीय चैनलों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया और पत्रकारिता से जुड़े मंचों पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों का मानना है कि मंत्री का यह बयान मीडिया की स्वतंत्रता और छोटे प्लेटफॉर्म्स के योगदान को नजरअंदाज करता है, जबकि कुछ लोग इसे पत्रकारिता के गिरते स्तर पर सीधा सवाल मान रहे हैं।
वहीं, आम लोगों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोगों का मानना है कि इस प्रकार के चैनलों की बढ़ती संख्या और बिना पुष्टि के खबरें दिखाने की प्रवृत्ति के कारण पत्रकारिता से आम जनता का विश्वास भी कम हुआ है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह कहीं न कहीं पत्रकारिता के गिरते स्तर की ओर इशारा तो नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल दौर में छोटे चैनल और पोर्टल स्थानीय मुद्दों को सामने लाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन साथ ही तथ्यहीन और अप्रमाणित खबरों की बढ़ती प्रवृत्ति भी चिंता का विषय है।
फिलहाल, मंत्री के इस बयान ने एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है—क्या वास्तव में छोटे चैनलों की गुणवत्ता पर सवाल है, या फिर यह स्वतंत्र मीडिया की आवाज़ को कमजोर करने की कोशिश है?



