जंगल की आग बुझाते हुए फायर वॉचर राजेंद्र सिंह की मौत, 15 लाख मुआवजा व नौकरी का आश्वासन
कर्तव्य निभाते हुए गई जान, डीएफओ बोले—मुआवजे में कर्मचारियों का एक दिन का वेतन भी शामिल
देहरादून। बद्रीनाथ वन प्रभाग के बिरही क्षेत्र में जंगल की भीषण आग बुझाने के दौरान पाखी गांव निवासी 43 वर्षीय फायर वॉचर राजेंद्र सिंह का असामयिक निधन हो गया। पर्यावरण और वन संपदा की रक्षा करते हुए कर्तव्य पालन के दौरान हुई उनकी मृत्यु से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

इस संवेदनशील मामले को लेकर प्रधान संगठन उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष योगिता रावत ने प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत कराया। उन्होंने दिवंगत राजेंद्र सिंह के परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए आश्रितों को उचित सहायता प्रदान करने की मांग उठाई।
मुलाकात के दौरान वन मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार को ₹15 लाख मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को वन विभाग में संविदा के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्ति देने का आश्वासन दिया।
वहीं, डीएफओ सर्वेश दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक फायर वॉचर राजेंद्र सिंह को मिलने वाले 15 लाख रुपये के मुआवजे में वन विभाग के कर्मचारियों का एक दिन का वेतन भी शामिल रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष योगिता रावत ने इस त्वरित और संवेदनशील निर्णय के लिए वन मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने राजेंद्र सिंह के निधन को वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए दिया गया एक बड़ा बलिदान बताया।
वहीं, स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी सरकार से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करने की मांग की है।



