बद्रीनाथ धाम में टूटा यात्रा का रिकॉर्ड, पहली बार 18.40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन – देखें वीडियो

Web Editor
3 Min Read

बद्रीनाथ धाम में टूटा यात्रा का रिकॉर्ड, पहली बार 18.40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चमोली। श्री बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ यात्रा चल रही है। अब तक के यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं। बद्रीनाथ धाम में एक यात्रा सीजन में सर्वाधिक 18 लाख 40 हजार श्रद्धालुओं के दर्शन का रिकॉर्ड था, लेकिन इस बार यह आंकड़ा अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही पार हो गया है। बुधवार 7 अक्टूबर तक 19 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। खास बात यह है कि यात्रा सीजन समाप्त होने में अभी डेढ़ माह से अधिक का समय शेष है।

यात्रा के दूसरे चरण में भी बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार लगातार बद्रीनाथ धाम में डेरा डाले हुए हैं और यात्रा व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा का जायजा ले रहे हैं। एसपी खुद व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि देश-दुनिया से धाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वर्तमान में बद्रीनाथ धाम में प्रतिदिन करीब 17 हजार से 20 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वहीं, इन दिनों पितृ पक्ष चलने के कारण भी बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही विदेशों से भी श्रद्धालु अपने पितरों का पिंडदान और तर्पण करने के लिए बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल पहुंच रहे हैं।

- Advertisement -
Ad imageAd image

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच पुलिस प्रशासन की ओर से धाम में यातायात, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन व्यवस्थाओं को और मजबूत करने में जुटा है।

यह संस्करण अब पोर्टल के लिए ठीक है।
हेडिंग भी मजबूत है और खबर का मुख्य एंगल—रिकॉर्ड टूटना + 19 लाख पार + अभी डेढ़ माह से अधिक यात्रा बाकी—शुरुआत में ही साफ हो रहा है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *