चमोली में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से दहशत, प्रधान संगठन अध्यक्ष ने सीएम धामी से की मुलाकात

Web Editor
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चमोली में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से दहशत, प्रधान संगठन अध्यक्ष ने सीएम धामी से की मुलाकात

बोली, पंचायतों के माध्यम से जंगली जानवरों की सुरक्षा को बने ठोस कार्ययोजना
•रास्तों की झाड़ी कटान, गांव और कस्बों में सायरन सिस्टम और सुरक्षा के उपाय किए जाएं
•गोपेश्वर में प्रधानों के ठहरने की अतिथि गृह में न्यूनतम किराये पर मिले उचित सुविधा
•जंगली जानवरों को आबादी क्षेत्र में रोकने को जंगलों में लगाएं फलदार पौधे

देहरादून : चमोली जनपद के ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। क्षेत्र में लगातार भालू, गुलदार और अन्य वन्य जीवों द्वारा मानव पर हो रहे हमलों की रोकथाम को लेकर चमोली प्रधान संगठन की अध्यक्ष योगिता रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। उन्होंने सुरक्षा के उचित कदम उठाने और भविष्य की रोकथाम के लिए ठोस योजना बनाने की मांग की है ।

योगिता रावत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पहाड़ के गांवों में शाम ढलते ही भय का माहौल बना हुआ है। लोग शाम ढलते ही घरों में दुबक रहे हैं। गुलदार, भालू के हमलों के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। साथ ही इन दिनों शादी विवाह का सीजन होने से भी लोग जंगली जानवरों के हमलों के कारण घरों से निकलने में बच रहे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से जंगली जानवरों के मानव बस्तियों में प्रवेश को रोकने हेतु वन विभाग को त्वरित और प्रभावी निर्देश दिए जाने, ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय और रेस्क्यू व्यवस्था मजबूत करने, हमलों में घायल व्यक्तियों को समुचित चिकित्सा सहायता एवं आर्थिक मदद उपलब्ध करवाने, मृतकों के परिजनों को न्यायसंगत मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों के आतंक ने ग्रामवासियों के सामान्य जीवन को प्रभावित कर दिया है, और सरकार के हस्तक्षेप के बिना स्थिति में सुधार संभव नहीं है। गांवों में लोग अब राज्य सरकार से शीघ्र प्रभावी कार्यवाही की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इधर, सीमांत जनपद चमोली के प्रधानों के जिला मुख्यालय में विकास कार्यों को आने पर सरकारी अतिथि गृह में न्यूनतम शुल्क पर ठहरने की सुविधा मुहैया कराने तथा जिला मुख्यालय में प्रधान संगठन भवन निर्माण की मांग की है। साथ ही प्रधानों की अन्य लंबित मांगों पर भी कार्रवाई की मांग की है।

 

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