स्कूली बच्चों की जान पर बना खतरा : 1 साल बाद भी नहीं बना पैदल रास्ता, मौख गाड़ पार करने को मजबूर ग्रामीण
चमोली : नंदानगर घाट क्षेत्र के गांवों में स्कूली बच्चों की पढ़ाई अब जान जोखिम में डालकर हो रही है। सितंबर 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुए पैदल रास्तों का एक साल बाद भी पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे बच्चे रोज उफनते मौख गाड़ को पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
सबसे ज्यादा मुश्किल छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों को झेलनी पड़ रही है। कई जगहों पर अभिभावक अपने बच्चों को पीठ पर बैठाकर तेज बहाव वाले गदेरे को पार करा रहे हैं। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने से खतरा और भी गंभीर हो गया है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।




