ग्रीन चारधाम यात्रा 2025: बद्रीनाथ/केदारनाथ मंदिर समिति की पर्यावरणीय पहल और धार्मिक अनुभव

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ग्रीन चारधाम यात्रा 2025: बद्रीनाथ/केदारनाथ मंदिर समिति की पर्यावरणीय पहल और धार्मिक अनुभव

चमोली : उत्तराखंड में 30 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा के लिए बद्रीनाथ/केदारनाथ मंदिर समिति विशेष तैयारियों में जुटी हुई है। इस बार मंदिर समिति ने एक नया पहल करते हुए 9 भाषाओं में एक लिटरेचर छपवाया है, जिसमें यात्रियों को बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों के अलावा 47 अन्य मंदिरों के बारे में विशेष जानकारी दी गई है।

बद्रीनाथ/केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारी सचिव पर्यटन कमीशनर , जिलाधिकारी और मंदिर समिति भी लगातार प्रयास कर रही है कि श्रद्धालुओं को अच्छे से दर्शन हो सके। इसके लिए लिटरेचर में बद्री केदार के अलावा जो पंच बद्री पंच केदार है और जो 47 टेंपल हैं, उसके विषय में अलग-अलग भाषा में लगभग 9 क्षेत्रीय भाषाओं में छपाई की गई है।

इन लिटरेचर को चार धाम के अलावा होटल, मोटेल, रिसोर्ट, हेली कंपनियों और सरकारी गैस्ट हाऊस में वितरित किया गया है, ताकि यात्रियों को जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री का विजन है कि उत्तराखंड 2025 रजत वर्ष कहा गया है ,जिसमें सीमिति द्वारा ग्रीन यात्रा को प्रमोट करने के लिए जूट के बैग बनाए गए हैं।जो भी श्रद्धालु महाअभिषेक या रुद्राअभिषेक कराएगा या केदारनाथ में पूजा कराएगा उनको हम फ्री ऑफ कॉस्ट ये बैग देंगे।

इसके अलावा,  एक नई पहल के तहत प्रसाद को स्पीड पोस्ट से पूरे देश में और विदेश में भी भेजने की योजना है, जिसमें 72 घंटे में प्रसाद पहुंचाया जाएगा। इसके लिए पोस्ट ऑफिस के साथ एमओयू साइन किया गया है। साथ ही, लोकल उत्पादों को प्रसाद के रूप में उपयोग करने की योजना है, जिससे प्रदेश की आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।

ग्रीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए मंदिर समिति ने प्लास्टिक के बैग का उपयोग बंद करने का प्रयास किया है और वेंडर्स के साथ मीटिंग कर रहे हैं। इस पहल से न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी।

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