रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि से तबाही, SDRF-प्रशासन अलर्ट; CM धामी ने दिए त्वरित कार्रवाई के आदेश

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रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों में SDRF उत्तराखण्ड की रेस्क्यू टीमें रवाना

29 अगस्त 2025 को जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्रान्तर्गत बड़ेथ डुंगर तोक में हुई अतिवृष्टि के कारण भारी मात्रा में मलबा आने से स्थानीय परिवार प्रभावित हो गए। प्रभावित क्षेत्र से कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना प्राप्त होते ही अर्पण यदुवंशी, कमांडेंट SDRF उत्तराखण्ड के आदेशानुसार, SDRF की टीमें सोनप्रयाग, अगस्त्यमुनि एवं रतूड़ा से आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों सहित घटनास्थल के लिए तत्काल रवाना की गई।

SDRF टीमें लगातार अत्यधिक बाधाओं एवं विषम परिस्थितियों को पार करते हुए प्रभावित गांव तक पहुँचने का प्रयास कर रही हैं। मार्ग में आए उफनाए गदेरों एवं बाधाओं को पार करते हुए, जवान स्वयं सुरक्षित पार हो रहे हैं तथा स्थानीय ग्रामीणों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने में सहयोग कर रहे हैं।

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टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुँचकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालने एवं आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने हेतु समन्वित रूप से कार्यवाही की जा रही है। SDRF का प्रयास है कि प्रभावित लोगों को शीघ्र ही सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए।

रुद्रप्रयाग- बसुकेदार रेस्क्यू अपडेट:-

SDRF रेस्क्यू टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुँच चुकी है। मौके पर लगभग 200 लोग सरकारी स्कूल सुरक्षित स्थान पर आ गए हैं। गदेरे के पार दो तीन परिवार फंसे हैं जिन्हें SDRF टीम द्वारा निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

CM धामी ने जिलाधिकारियों को दिए राहत-बचाव के सख्त निर्देश

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जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी नैनीताल से भी मुख्यमंत्री ने बारिश और सड़कों की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो।

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बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय तथा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।

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