जोशीमठ में अरुण कंस्ट्रक्शन कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, सुरक्षा कार्यों के नाम पर यात्रियों को भारी परेशानी

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जोशीमठ में अरुण कंस्ट्रक्शन कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, सुरक्षा कार्यों के नाम पर यात्रियों को भारी परेशानी

नरसिंह मंदिर मार्ग पर वाहनों को रोकने से जोशीमठ से मारवाड़ी पुल तक पहुंचने में लग रहे 3 से 4 घंटे, स्थानीय लोगों में आक्रोश

PWD और सिंचाई विभाग की निगरानी में चल रहे कार्यों के बावजूद यातायात व्यवस्था बदहाल, जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर भी उठे सवाल

चमोली। सीमांत क्षेत्र जोशीमठ में चल रहे सुरक्षा कार्य अब यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। सुरक्षा कार्यों में लगी अरुण कंस्ट्रक्शन कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। आरोप है कि कंपनी की ओर से नरसिंह मंदिर मार्ग पर वाहनों को रोके जाने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि जोशीमठ से मारवाड़ी पुल तक पहुंचने में लोगों को तीन से चार घंटे तक का समय लग रहा है।

इन सुरक्षा कार्यों को लेकर अब केवल निर्माण कार्य कर रही कंपनी ही नहीं, बल्कि संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि अरुण कंस्ट्रक्शन कंपनी लोक निर्माण विभाग (PWD) और सिंचाई विभाग के अधीन सुरक्षा कार्य कर रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब निर्माण कार्यों के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो इन विभागों के जिम्मेदार अधिकारी यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा कार्यों के नाम पर यातायात को जिस तरह रोका जा रहा है, उससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और अन्य यात्रियों को लंबे समय तक सड़क पर इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, स्थानीय निवासियों को भी अपने जरूरी कामों के लिए आने-जाने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। वाहनों को लंबे समय तक रोके जाने से लोगों का समय बर्बाद हो रहा है और यात्रा मुश्किल बनती जा रही है।

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सुरक्षा कार्यों के नाम पर कब तक परेशान होंगे यात्री?

सुरक्षा कार्यों का उद्देश्य लोगों और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन इन कार्यों के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान वाहनों को नियंत्रित करना आवश्यक है, तो इसके लिए ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही, जिससे यात्रियों को घंटों तक जाम जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े?

लोगों का आरोप है कि नरसिंह मंदिर मार्ग पर वाहनों को रोके जाने के कारण जोशीमठ से मारवाड़ी पुल तक का सफर बेहद मुश्किल हो गया है। तीन से चार घंटे का समय लगना यात्रियों की परेशानी को दर्शाता है। ऐसे में कंपनी की कार्यप्रणाली के साथ-साथ यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे विभागों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

PWD और सिंचाई विभाग की निगरानी पर सवाल

अरुण कंस्ट्रक्शन कंपनी जिन विभागों के अधीन कार्य कर रही है, उनकी जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्य करवाने तक सीमित नहीं है। कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और आम जनता को होने वाली परेशानियों पर निगरानी रखना भी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब निर्माण कार्यों के कारण यात्रियों को तीन से चार घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ रही है, तो लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके की स्थिति का जायजा क्यों नहीं ले रहे हैं? क्या संबंधित विभागों ने यातायात व्यवस्था को लेकर कंपनी को कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं? यदि दिए गए हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा है?

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लोगों की मांग है कि दोनों विभागों के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करें और कंपनी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए यातायात बाधित होने की समस्या का समाधान कराएं।

सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित, फिर भी नहीं निकला समाधान

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस समस्या को लेकर बार-बार सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से आवाज उठाई जा रही है। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि जब लगातार यात्रियों की परेशानी सामने आ रही है, तो संबंधित कंपनी के साथ-साथ उसके कार्यों की निगरानी करने वाले विभागों को भी इसका गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।

लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि इतनी गंभीर समस्या के बावजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ओर से प्रभावी हस्तक्षेप नजर नहीं आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आम जनता और यात्री घंटों तक परेशान हो रहे हैं, तो जिम्मेदार लोगों को सामने आकर समस्या का समाधान कराना चाहिए।

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कंपनी और जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय करने की मांग

स्थानीय लोगों ने अरुण कंस्ट्रक्शन कंपनी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्यों के दौरान वाहनों की आवाजाही के लिए स्पष्ट समय-सारिणी बनाई जाए, अनावश्यक रूप से वाहनों को न रोका जाए और मौके पर यातायात नियंत्रित करने के लिए उचित व्यवस्था की जाए।

लोगों की मांग है कि लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करें और सुनिश्चित करें कि निर्माण कार्यों के कारण यात्रियों तथा स्थानीय निवासियों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।

अब सवाल यह है कि यात्रियों को राहत दिलाने के लिए अरुण कंस्ट्रक्शन कंपनी और संबंधित विभाग कब तक ठोस कदम उठाएंगे? क्या PWD और सिंचाई विभाग इस समस्या का संज्ञान लेकर कंपनी की जवाबदेही तय करेंगे, या फिर जोशीमठ से मारवाड़ी पुल तक सफर करने वाले यात्रियों को इसी तरह घंटों परेशान होना पड़ेगा?

फिलहाल स्थानीय लोग इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि सुरक्षा कार्य समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से हों तथा यात्रियों की आवाजाही बाधित न हो।

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