
बर्फबारी के बाद औली में उमड़ा पर्यटकों का सैलाब, जन्नत सी सजी वादियां
चमोली। उत्तराखंड का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और देश-दुनिया में स्कीइंग के लिए मशहूर स्की रिजॉर्ट औली इन दिनों किसी जन्नत से कम नहीं दिखाई दे रहा है। हालिया बर्फबारी के बाद औली की समूची वादियां बर्फ की सफेद चादर में लिपट गई हैं। चटक धूप निकलते ही यहां की खूबसूरती और भी निखर गई है, जिसने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया है।
चारों ओर नजर दौड़ाने पर बर्फ से ढकी पहाड़ियां, मकान, पेड़-पौधे और स्की स्लोप बेहद मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। बर्फबारी के बाद औली में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हर कोई यहां पहुंचकर स्कीइंग, चेयर लिफ्ट और हाइकिंग का जमकर आनंद लेता नजर आ रहा है। स्कीइंग स्लोप पर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं चेयर लिफ्ट के टिकटों के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं।
लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए औली एक बार फिर पसंदीदा डेस्टिनेशन बन गया है। हजारों की संख्या में पर्यटक बर्फबारी की खबर मिलते ही औली पहुंच रहे हैं। हालांकि मौसम एक बार फिर करवट बदलता हुआ नजर आ रहा है।
बर्फबारी के बाद औली तक पहुंचने वाले सड़क मार्गों पर दिक्कतें भी सामने आ रही हैं। सड़क पूरी तरह साफ न होने के कारण जगह-जगह जाम की स्थिति बनी हुई है। जोशीमठ से करीब 4 किलोमीटर दूर सुनील से औली तक सड़क पर बर्फ और पाले की मोटी परत जमने से वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई बार एक वाहन के फंसते ही घंटों तक जाम खुलने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि 4×4 वाहन चल रहे हैं, लेकिन भारी भीड़ के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
जो पर्यटक समय पर औली पहुंच पा रहे हैं, वे तो बर्फ का आनंद उठा रहे हैं, लेकिन जो जाम में फंसे हैं, उनके लिए औली पहुंचना मुश्किल बना हुआ है। प्रशासन हर साल दिसंबर से बर्फबारी को लेकर व्यवस्थाओं और सड़क मार्गों को सुचारु रखने के लिए बैठकें करता है, लेकिन बर्फ पड़ते ही व्यवस्थाएं लड़खड़ाती नजर आती हैं।
वहीं मौसम विभाग ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके चलते मौसम एक बार फिर बदलता हुआ दिख रहा है। जोशीमठ में भी पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस बार यहां भी बर्फबारी होने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बाजार और चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, लेकिन धूप ढलते ही ठंड का प्रकोप बढ़ जाता है। शाम होते ही लोग या तो कमरों में कैद नजर आते हैं या अलाव का सहारा लेते दिखते हैं।
हालांकि ठंड और परेशानियों के बावजूद बर्फबारी को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।



