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चमोली-रुद्रप्रयाग में ठेकेदारों का बड़ा खेल उजागर, 9.72 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी

AI के जरिए खुला फर्जी ITC का जाल, छापेमारी में 1.27 करोड़ मौके पर जमा

चमोली-रुद्रप्रयाग में ठेकेदारों का बड़ा खेल उजागर, 9.72 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी

AI के जरिए खुला फर्जी ITC का जाल, छापेमारी में 1.27 करोड़ मौके पर जमा

देहरादून/चमोली/रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में ठेका सिस्टम से जुड़ा एक बड़ा कर घोटाला सामने आया है। राज्य कर विभाग (स्टेट GST) की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) ने चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में कार्रवाई करते हुए चार ठेका फर्मों द्वारा करीब 9.72 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा किया है।

AI तकनीक से खुली फर्जीवाड़े की परतें

इस पूरे मामले का पर्दाफाश आधुनिक तकनीक की मदद से हुआ। विभाग ने GST पोर्टल के डेटा का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए विश्लेषण किया, जिसमें संदिग्ध लेन-देन और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कई मामले सामने आए। इसके बाद दो विशेष टीमें गठित कर दोनों जिलों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई।

दबाव में आए ठेकेदार, मौके पर जमा किए 1.27 करोड़

छापेमारी के दौरान दस्तावेजों और ITC क्लेम की जांच में भारी गड़बड़ियां मिलीं। कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए संबंधित फर्मों ने मौके पर ही 1.27 करोड़ रुपये जमा करा दिए। विभाग का अनुमान है कि विस्तृत जांच में टैक्स चोरी का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

दस्तावेज जब्त, जांच जारी

टीम ने GST अधिनियम 2017 के तहत आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। अब इनकी गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित फर्मों से कर, ब्याज और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।

ठेका सिस्टम में बड़े फर्जीवाड़े के संकेत

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कई ठेकेदार फर्में अपनी कर देनदारी कम करने के लिए फर्जी ITC का सहारा ले रही हैं। विभाग ने वर्क कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी अन्य फर्मों की भी व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों की निगरानी में बड़ी कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई आयुक्त राज्य कर सोनिका के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त के नेतृत्व में की गई। इसमें SIB हरिद्वार की टीम के वरिष्ठ अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई।

छापेमारी के बाद क्षेत्र के कारोबारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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