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444 मेगावाट वीपीएचईपी, पीपलकोटी की टेल रेस टनल का ब्रेकथ्रू — चुनौतीपूर्ण भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों के बीच टीएचडीसीआईएल की बड़ी उपलब्धि

444 मेगावाट वीपीएचईपी, पीपलकोटी की टेल रेस टनल का ब्रेकथ्रू — चुनौतीपूर्ण भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों के बीच टीएचडीसीआईएल की बड़ी उपलब्धि

पीपलकोटी, चमोली | 17 फरवरी 2026 : टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने आज एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि हासिल करते हुए 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टेल रेस टनल (टीआरटी) का सफल ब्रेकथ्रू कर लिया। यह रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना उत्तराखंड के जनपद चमोली के भू-वैज्ञानिक दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकसित की जा रही है।

लगभग 3.1 किलोमीटर लंबी तथा 9.2 मीटर व्यास (फिनिश्ड) की टेल रेस टनल परियोजना का एक महत्वपूर्ण भूमिगत घटक है, जिसके माध्यम से विद्युत उत्पादन के पश्चात जल को पुनः नदी में प्रवाहित किया जाता है। कुल 3.1 किलोमीटर लंबाई में से लगभग 1 किलोमीटर में ओवर लाइनिंग कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो परियोजना की निर्धारित समयसीमा की दिशा में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।

टीआरटी का यह ब्रेकथ्रू अत्यंत चुनौतीपूर्ण भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों के बीच हासिल किया गया। खुदाई के दौरान कई स्थानों पर कैविटी निर्माण, शियर जोन, भारी जल रिसाव तथा कीचड़ प्रवाह जैसी जटिल समस्याओं का सामना करना पड़ा। एक फेस पर बार-बार कैविटी सक्रिय होने और तीव्र जल प्रवाह के कारण खुदाई कार्य अस्थायी रूप से रोकना पड़ा तथा रणनीतिक रूप से विपरीत दिशा से कार्य आगे बढ़ाया गया। कमजोर एवं जल-संतृप्त चट्टानी क्षेत्र को सुरक्षित पार करने हेतु पाइप रूफिंग, ग्राउटिंग, शॉटक्रीटिंग, प्रोब ड्रिलिंग तथा मल्टी-ड्रिफ्टिंग जैसी उन्नत स्थिरीकरण तकनीकों का वैज्ञानिक ढंग से प्रयोग किया गया। सतत निगरानी और तकनीकी दक्षता के बल पर अंतिम संवेदनशील खंड को स्थिर कर ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू प्राप्त किया गया।

 

इस अवसर पर अपने संबोधन में परियोजना प्रमुख अजय वर्मा ने परियोजना टीम, कांट्रेक्टर (एचसीसी), अभियंताओं एवं श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा:
टेल रेस टनल का यह ब्रेकथ्रू हमारे अभियंताओं और कर्मियों की प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और टीम भावना का प्रमाण है। हिमालयी भूगर्भीय परिस्थितियों ने हमें कैविटी निर्माण, भारी जल प्रवाह और कीचड़ जैसी चुनौतियों के माध्यम से कई बार परखा, लेकिन वैज्ञानिक योजना, सुदृढ़ स्थिरीकरण उपायों और कड़े सुरक्षा मानकों के बल पर हमारी टीम ने इन चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार किया। यह उपलब्धि न केवल विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना को आगे बढ़ाती है, बल्कि राष्ट्र के लिए सतत एवं विश्वसनीय ऊर्जा उत्पादन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करती है।

टीआरटी का सफल ब्रेकथ्रू टीएचडीसीआईएल की दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में जटिल जलविद्युत परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन की क्षमता को दर्शाता है तथा सतत जलविद्युत विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।

परियोजना के पूर्ण संचालन में आने के उपरांत 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता को सुदृढ़ करेगी तथा स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से देश के दीर्घकालिक ऊर्जा लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

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