
चमोली: आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप, जबरन शराब थोपने से भड़का जनाक्रोश, आंदोलन की चेतावनी तेज
गोपेश्वर, 23 मार्च 2026: चमोली जनपद में आबकारी विभाग की कार्यशैली को लेकर जनता का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। थराली विकास खंड के लौल्टी गांव में अंग्रेजी शराब की उपदुकान खोलने के फैसले ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि विभाग जनता की भावनाओं को कुचलते हुए गांवों में जबरन शराब थोपने का काम कर रहा है।
सोमवार को आक्रोशित जनप्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय गोपेश्वर पहुंचकर जिला आबकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और विभाग की नीतियों पर कड़ी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जहां एक ओर ग्रामीण खुद अपने स्तर पर शराबबंदी लागू कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग सुनियोजित तरीके से शराब का विस्तार कर सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने में लगा है।
जिला पंचायत सदस्य कला देवी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग पूरी तरह से बेलगाम हो चुका है और आम जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की दलदल में धकेला जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
सबसे गंभीर आरोप यह भी लगाया गया कि आबकारी विभाग की मिलीभगत से शराब की दुकानों में खुलेआम ओवररेटिंग की जा रही है और लोगों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा गांव-गांव में शराब माफिया सक्रिय हैं, जो अवैध तरीके से शराब बेचकर कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं, लेकिन विभाग इस पर आंखें मूंदे बैठा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लौल्टी, तुंगेश्वर, देवराड़ा और हरचन गांव की महिलाओं ने पहले भी शराब के खिलाफ जोरदार विरोध किया था, लेकिन उनकी आवाज को दबाने के लिए शराब कारोबारियों द्वारा कानूनी नोटिस तक भेजे गए। इसके बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों में भारी रोष है।
जनप्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 31 मार्च तक लौल्टी में शराब की उपदुकान बंद नहीं की गई, तो पूरे क्षेत्र में सरकारी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा और उग्र जन आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और आबकारी विभाग की होगी।
इस दौरान लक्ष्मण सिंह, मनमोहन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



