
नकली हॉलमार्क से असली सोना बदलने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चमोली पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
लेजर मशीन और कंप्यूटर उपकरण बरामद, कम कैरेट ज्वेलरी पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर करते थे ठगी
चमोली। पुलिस ने आभूषणों पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर आरोपियों—बंटी कुमार (निवासी बेगूसराय, बिहार) और पंकज कुमार प्रभु (निवासी पटना, बिहार)—को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से हॉलमार्क लगाने वाली लगभग ₹2.50 लाख कीमत की लेजर मल्टीपर्पस मशीन के साथ अन्य कंप्यूटर उपकरण बरामद किए गए हैं। यह गिरोह असली सोने के आभूषणों को कम कैरेट की ज्वेलरी से बदलकर उस पर नकली 20 कैरेट का हॉलमार्क लगाकर ग्राहकों को वापस कर देता था।
शिकायत के बाद खुला मामला
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब ज्योतिर्मठ निवासी श्रीमती लवली रावत ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में उन्होंने अपनी सोने की नथ और झुमके ‘आदित्य ज्वेलर्स’ के संचालक बंटी कुमार के पास गिरवी रखे थे। दिसंबर 2025 में जब उन्होंने अपने गहने वापस लिए, तो उनकी गुणवत्ता पर संदेह हुआ। अन्य ज्वेलर्स से जांच कराने पर पता चला कि उनके असली गहनों को नकली से बदल दिया गया है और उन पर फर्जी हॉलमार्क लगाया गया है।
पूछताछ में हुआ खुलासा
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बंटी कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह कर्णप्रयाग निवासी पंकज कुमार प्रभु के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम देता था। पंकज के पास बिना लाइसेंस की हॉलमार्क मशीन थी, जिसका इस्तेमाल फर्जी मुहर लगाने के लिए किया जाता था।
जांच जारी, मुकदमा दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
साथ ही चमोली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ज्वेलरी खरीदते या गिरवी रखते समय हॉलमार्क की प्रामाणिकता की अच्छी तरह जांच अवश्य करें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।



