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तरसेम हत्याकांड को लेकर DGP अभिनव कुमार ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, ‌ DGP ने बताया पूरा घटनाक्रम।

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देहरादून : DGP उत्तराखंड अभिनव कुमार, द्वारा उधमसिंहनगर नानकमत्ता गुरुद्वारा बाबा हत्याकांड का मुख्य आरोपी बदमाश अमरजीत उर्फ बिट्टू के साथ कल देर रात हरिद्वार में उत्तराखंड पुलिस की हुई मुठभेड़ के सम्बन्ध में प्रेस वार्ता की गयी। उन्होंने कहा कि कल देर शाम एसटीएफ टीम उत्तराखंड द्वारा एसएसपी हरिद्वार को उधम सिंह नगर के नानकमत्ता गुरुद्वारा के बाबा तरसेम सिंह की हत्या में वांछित ईनामी बदमाशों के सहारनपुर से हरिद्वार भगवानपुर कलियर होकर मुरादाबाद उत्तर प्रदेश जाने की गुप्त सूचना दी गई।

जिस पर पूरे हरिद्वार जनपद में जगह-जगह एसटीएफ टीमों के साथ संयुक्त रूप से सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान समय लगभग 12:30 बजे रात्रि मुखबिर की सटीक सूचना पर थाना भगवानपुर क्षेत्र गागलहेड़ी तिराहे में चैकिंग पॉइंट पर मोटरसाइकिल से आ रहे दो संदिग्ध बदमाशों को ड्यूटी पर मौजूद पुलिस टीम द्वारा रोकने का प्रयास किया गया.। तो दोनों बदमाश रोकने पर नहीं रुके और पुलिस टीम से बचते हुए तेजी से भगवानपुर से इमलीखेड़ा-कलियर की तरफ भागे जिस पर कलियर संयुक्त पुलिस टीम द्वारा मार्ग में रोकने पर छंगा माजरी तिराहे से छंगा माजरी गांव की ओर मुड़ गए जहां कुछ दूरी पर तत्काल पुलिस टीमों द्वारा चौतरफा इन दोनों बदमाशों को घेर लिया गया। जिस पर इनके द्वारा पुनः हाईवे की तरफ जाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस से घिर जाने पर इन बदमाशों द्वारा पुलिस टीम पर फायर किया गया जिस पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को गोली लगी जबकि दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया जिसकी सरगर्मी से तलाश जारी है। घायल बदमाश को तुरंत सिविल अस्पताल रुड़की भिजवाया गया जहां डॉक्टर द्वारा उसको मृत घोषित कर दिया गया।

एसटीएफ टीम द्वारा तस्दीक करने पर मृतक बदमाश का नाम अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू पुत्र सुरेंद्र सिंह पता फतेहगढ़ चूड़ियां रोड नगलीभट्टा अमृतसर पंजाब है जो ₹100000 का इनामी था और उधमसिंह नगर के नानकमत्ता गुरुद्वारे के बाबा तरसेम सिंह की हत्या में वांछित था।

मृतक ईनामी अभियुक्त : अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू पुत्र सुरेंद्र सिंह पता-फतेहगढ़ चूड़ियां रोड, नगलीभट्टा, अमृतसर, पंजाब। उम्र लगभग 48 वर्ष

28.03.2024 को थाना नानकमत्ता क्षेत्र में अपने साथी सरबजीत के साथ डेरा कार सेवा नानकमत्ता के प्रधान बाबा तरसेम के ऊपर रायफल से गोली चलाकर हत्या व बाबा के सेवादार के ऊपर जान से मारने की नियत से फायर करना जिस सम्बन्ध में थाना नानकमत्ता में मुकदमा FIR N0-83/2024 धारा 302/307/34/120B IPC पंजीकृत है ।

बरामदगी :”32 बोर” पिस्टल 01जिंदा कारतूस 03खोखा कारतूस 03घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल

टीम उत्तराखंड STF 1- आर बी चमोला पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ देहरादून 2-निरीक्षक एमपी सिंह – STF कुमाऊ यूनिट 3- उप निरीक्षक विपिन जोशी STF 4-अपर उपनिरीक्षक प्रकाश भगत STF 5-अपर उपनिक्षक जगवीर शरण STF 6-अपर उपनिक्षक दीपक अरोड़ा STF 7- हे0कां0 अनूप भाटी STF 8- हे0कां0 मनमोहन सिंह STF 9- हे0कां0 रविन्द्र सिंह STF 10- हे0कां0 जगपाल सिंह STF 11- कां0 गुरवंत सिंह STF 12- हे0कां0 चालक संजय कुमार STF साथ ही किशन चंद शर्मा , सर्विलांस टीम का मतवपूर्ण योगदान रहा और साथ ही एक टीम एस0टी0एफ0 पंजाब से इनपुट दे रही थी।

शूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू उर्फ गंडा पुत्र सुरेन्दर सिंह निवासी सिहौरा थाना बिलासपुर जिला रामपुर उ0प्र0 का आपराधिक इतिहास

1-FIR NO- 295/1991 धारा 216A IPC, ¾ TADA ACT- थाना बिलासपुर, रामपुर

13.11.1991 को अभियुक्त द्वारा अपने साथियों के साथ आतंकवादियों को जानबूझकर पनाह देना तथा आतंकवादियों के साथ मिलकर खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाना जिस सम्बन्ध में कोतवाली बिसालपुर में FIR NO- 295/1991 धारा 216A IPC, ¾ TADA ACT- थाना बिलासपुर, रामपुर पंजीकृत है।

2-FIR NO- 829/2007 धारा 395/397 IPC- थाना गदरपुर

18.05.2007 को पंजाब नैशनल बैंक शाखा गदरपुर में अपने साथियों के साथ घुसकर 6 लाख 22 हजार 618 रुपये व मोबाईल फोन की डकैती डालना जिस सम्बन्ध में मुकदमा FIR N0-829/2007 धारा 395/397 IPC पंजीकृत है ।

3-FIR NO- 243/2011 धारा 395/397/412 IPC- थाना पुवांया, शाहजहांपुर

18.05.2011 को भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा कस्बा पुवाया में बैंक में अपने साथियों से साथ घुसकर बैंक कर्मियों व ग्राहकों को बन्धक बनाकर 27.53 लाख की डकैती डालना जिस सम्बन्ध में मुकदमा FIR N0-243/2011 धारा 395/397 IPC पंजीकृत है ।

4-FIR NO- 436/2014 धारा 380/511/307/427 IPC- थाना रूद्रपुर

16.09.2014 को अपने साथियों के साथ पंजाब एण्ड सिंध बैंक में घुसकर गैस कटर से बैंक एटीएम को काटकर चोरी का प्रयास करना एवं पुलिस के मौके पर पहुंचने पर जान से मारने की नियत से पुलिस पर फायर करना मौके पर मय अस्लाह गिरफ्तार जिस सम्बन्ध में थाना रुद्रपुर में FIR N0-436/2014 धारा 380/511/307/427 IPC व 25 आर्म्स एक्ट पंजीकृत है ।

5-FIR NO- 83/2024 धारा 302/120बी/34 IPC- थाना नानकमत्ता

नानकमत्ता/घटना का विवरण : 28/03/24 को द्वारा 112 से प्रातः समय करीब 6:29 बजे थाना नानकमत्ता पर सुचना प्राप्त हुई की डेरा कार सेवा नानक मत्ता के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह को अज्ञात मोटर साइकिल सवारों ने द्वारा गोली मार दी गयी है ।

जिस पर थाना नानकमत्ता पुलिस टीम द्वारा मौका मुयायना किया गया तो जानकारी हुई कि डेरा कर सेवा के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह प्रातः डेरे के बरामदे में कुर्सी में बैठे थे कि समय करीब 6 :17 बजे एक मोटरसाइकिल पर दो अज्ञात व्यक्ति आये जिसमें से पीछे बैठे व्यक्ति के द्वारा अपने पास ली हुई राइफल से बाबा तरसेम सिंह पर दो फायर करे और मौके से मोटरसाइकिल में फरार हो गए ।

घायल बाबा तरसेम सिंह को पहले पंच रत्न अस्पताल नानक मत्ता फिर हायर सेंटर स्वास्तिक अस्पताल खटीमा ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई |।

पुलिस कार्यवाही: सूचना पर तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद उधम सिंह नगर एवं पुलिस अधीक्षक नगर रुद्रपुर एवं क्षेत्राधिकारी खटीमा एवं क्षेत्राधिकारी सितारगंज व जनपद के अलग-अलग थानों के थानाअध्यक्ष व प्रभारी निरीक्षकों मय फोर्स तथा एस0ओ0जी0 की टीम घटनास्थल पर पहुँची ।

फील्ड यूनिट जनपद उधम सिंह नगर , विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम भी फॉरेन्सिक साक्ष्य जुटाने एवं घटनास्थल का निरीक्षण करने हेतु मौके पर पहुँची ।

पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा इस दुस्साहसिक एवं नृशंस हत्याकांड के खुलासे हेतु मुख्यालय स्तर पर 6 सदस्यीय एस0आई0टी0 का गठन किया गया जिसमें एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड तथा जनपदों मे नियुक्त पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया ।

जनपद स्तर पर भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा एस0आई0टी0 के सहायतार्थ उपरोक्त के अतिरिक्त एसटीएफ, एलआईयू, एसओजी, जनपद चम्पावत, नैनीताल, पौड़ी, बागेश्वर, अल्मोड़ा से 79 अधिकारी/कर्मचारियों को तैनात किया गया व 11 टीमों का गठन किया गया ।

घटना के परिपेक्ष में पुलिस उप महानिरीक्षक कुमायूं परिक्षेत्र द्वारा भी घटनास्थल एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया गया तथा गठित टीमों में रेन्ज से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करते हुए अनावरण हेतु उचित दिशा निर्देश दिए गए |

घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड द्वारा भी अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित घटनास्थल का मौका मुआयना कर घटना के खुलासे हेतु गठित टीमों की समीक्षा की गयी ।

घटना के सम्बन्ध में वादी मुकदमा जसवीर सिंह निवासी चारूबेटा थाना खटीमा की तहरीर के आधार पर थाना नानकमत्ता पर एफआईआर नंबर 83/2024 धारा 302/34/120B भादवि बनाम सरबजीत सिंह आदि कुल 2 नामजद व 3 बाईस्तवा अभियुक्तगण पंजीकृत किया गया ।

विवेचना बहादुर सिंह चौहान, क्षेत्राधिकारी सितारगंज द्वारा ग्रहण कर विवेचना प्रारम्भ की गयी। फॉरेन्सिक, दस्तावेजी, सीसीटीवी, बयानात चश्मदीद गवाहान व सर्विलांस की सहायता से ठोस साक्ष्य संकलन कर 3 अप्रैल को 2 अभियुक्तगण दिलबाग सिंह व अमनदीप सिंह उर्फ काला, 4 अप्रैल को 2 अभियुक्तगण बलकार सिंह व हरविन्दर सिंह उर्फ पिन्दी, 6 अप्रैल को 2 अभियुक्तगण जसपाल सिंह व परगट सिंह व 7 अप्रैल को 1 अभियुक्त सुखदेव सिंह उर्फ सोनू गिल की गिरफ्तारी की गयी तथा घटना में प्रयुक्त 2 कारें, डीवीआर, मोबाईल फोन आदि बरामद किये गये ।

मुकदमें में वांछित मुख्य अभियुक्त शूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू उर्फ गंडा व सरबजीत सिंह के वारंट प्राप्त कर उन पर 1 लाख रूपये का ईनाम घोषित किया गया ।

मुकदमा उपरोक्त में मुख्य अभियुक्त शूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू उर्फ गंडा की 9 अप्रैल को पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल होना व अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु होना ज्ञात हुआ है । जिसके सम्बन्ध में थाना भगवानपुर जनपद हरिद्वार में एफ0आई0आर0 नंबर 256/2024 धारा 307 भादवि व 3/25 आर्म्स एक्ट बनाम अमरजीत पंजीकृत किया गया है ।

शेष कार्यवाही : मुकदमें में वांछित व 1 लाख के ईनामी अभियुक्त सरबजीत सिंह व वांछित सुल्तान सिंह व सतनाम सिंह की गिरफ्तारी हेतु विभिन्न टीमों का गठन कर पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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